अगर आपने पिछले कुछ महीनों में हवाई यात्रा की है, तो आपने एक बात (IndiGo Flight Late aur Cancel) जरूर नोटिस की होगी—भारत की सबसे भरोसेमंद एयरलाइन मानी जाने वाली IndiGo Airlines इन दिनों भारी संकट से गुजर रही है। चाहे फ्लाइट्स का घंटों लेट होना हो (Flight Delays) या आखिरी मौके पर कैंसिल हो जाना, यात्री सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

लेकिन सवाल यह है कि आखिर IndiGo Flight Late क्यों हो रही है? क्या यह सिर्फ मौसम की मार है या इसके पीछे कोई बड़ी तकनीकी गड़बड़ी है? इस ब्लॉग पोस्ट में हम इंडिगो के इस संकट से जुड़े हर पहलू को विस्तार से समझेंगे।
1. प्रैट एंड व्हिटनी इंजन का संकट
इंडिगो की वर्तमान समस्याओं का सबसे बड़ा और मुख्य कारण मौसम नहीं, बल्कि उनके विमानों के इंजन हैं।
- क्या है समस्या? इंडिगो अपने Airbus A320 Neo विमानों में Pratt & Whitney (P&W) कंपनी के इंजन इस्तेमाल करती है। हाल ही में इन इंजनों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले “पाउडर मेटल” में एक माइक्रोस्कोपिक (बहुत सूक्ष्म) खामी पाई गई। इस खामी के कारण इंजन के पुर्जे जल्दी खराब हो सकते हैं।
- विमानों का ग्राउंड होना: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इन इंजनों की गहन जांच जरूरी हो गई है। इस वजह से इंडिगो को अपने 75 से अधिक विमानों को जमीन पर (Ground) रखना पड़ा है।
- असर: जब इतने सारे विमान उड़ने के लिए उपलब्ध नहीं होंगे, तो स्वाभाविक है कि उड़ानों की संख्या कम हो जाएगी और अगर कोई एक फ्लाइट लेट होती है, तो उसे बदलने के लिए दूसरा विमान उपलब्ध नहीं होता।
2. पायलटों की थकान और DGCA के नए नियम
फ्लाइट्स में देरी का एक और बड़ा कारण पायलटों और क्रू मेंबर्स की कमी और थकान है।
- FDTL नियम: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पायलटों की थकान को कम करने के लिए Flight Duty Time Limitations (FDTL) के नियमों को सख्त कर दिया है।
- शिफ्ट का मुद्दा: अगर कोई फ्लाइट मौसम या तकनीकी कारण से लेट होती है और उस दौरान पायलट की ड्यूटी का समय (Shift timings) खत्म हो जाता है, तो वह पायलट विमान नहीं उड़ा सकता।
- देरी: ऐसी स्थिति में एयरलाइन को नया क्रू बुलाना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है और यात्री विमान के अंदर बैठे इंतजार करते रह जाते हैं।
3. कोहरा और खराब मौसम
भारत में, विशेषकर उत्तर भारत (दिल्ली, अमृतसर, लखनऊ) में सर्दियों के दौरान घने कोहरे (Dense Fog) का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ता है।
- कम विजिबिलिटी: इंडिगो की सबसे ज्यादा फ्लाइट्स दिल्ली एयरपोर्ट से संचालित होती हैं। जब दिल्ली में विजिबिलिटी कम होती है, तो फ्लाइट्स न तो टेक-ऑफ कर पाती हैं और न ही लैंड।
- कैस्केडिंग इफ़ेक्ट (Cascading Effect): अगर सुबह की पहली फ्लाइट कोहरे के कारण 2 घंटे लेट होती है, तो वही विमान दिन भर में जिन 4 अन्य शहरों में जाने वाला था, वहां भी लेट पहुंचेगा। इसी वजह से शाम की फ्लाइट्स अक्सर ज्यादा लेट होती हैं।
4. बम की झूठी धमकियां
बीते कुछ महीनों में भारतीय विमानन उद्योग ने एक अजीब समस्या का सामना किया है—सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाली बम की झूठी धमकियां (Hoax Bomb Threats)।
- भले ही ये धमकियां झूठी हों, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को आइसोलेशन में ले जाना पड़ता है, यात्रियों को उतारा जाता है और पूरे विमान की दोबारा जांच की जाती है।
- इस प्रक्रिया में 3 से 4 घंटे बर्बाद होते हैं, जिससे इंडिगो का पूरा शेड्यूल बिगड़ जाता है।
5. एयरपोर्ट पर भीड़ और इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी
कोविड के बाद भारत में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन हमारे एयरपोर्ट्स की क्षमता उतनी तेजी से नहीं बढ़ी है।
- रनवे पर जाम: मुंबई और दिल्ली जैसे व्यस्त एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स को उतरने के लिए जगह (Slot) नहीं मिलती। विमानों को हवा में ही चक्कर (Hovering) लगाने पड़ते हैं, जिससे ईंधन की बर्बादी होती है और लैंडिंग में देरी होती है।
क्या टिकट की कीमतें इसी वजह से बढ़ी हैं? (High Flight Ticket Prices)
जी हाँ, यह अर्थशास्त्र का सीधा नियम है—Demand और Supply। चूँकि इंडिगो के लगभग 70-80 विमान इंजन की समस्या के कारण खड़े हैं, इसलिए बाजार में सीटों की कमी (Shortage of seats) हो गई है। लेकिन यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। जब सीटें कम हों और यात्री ज्यादा, तो IndiGo Ticket Prices का बढ़ना तय है।
यात्री के रूप में आपको क्या करना चाहिए? (Passenger Rights & Tips)
अगर आपकी IndiGo Flight Cancel हो जाए या लेट हो जाए, तो आपको अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए:
- रिफंड के नियम (Refund Rules): अगर एयरलाइन फ्लाइट कैंसिल करती है, तो आप पूरे रिफंड (Full Refund) या अगली उपलब्ध फ्लाइट का विकल्प चुनने के हकदार हैं।
- नाश्ता और खाना: अगर फ्लाइट में देरी 2-3 घंटे से अधिक होती है (दूरी के हिसाब से), तो DGCA के नियमों के अनुसार एयरलाइन को आपको जलपान (Refreshments) देना होगा।
- वेब चेक-इन और स्टेटस: एयरपोर्ट निकलने से पहले गूगल पर “IndiGo Flight Status” जरूर चेक करें।
- कनेक्टिंग फ्लाइट्स: आजकल के माहौल को देखते हुए, दो फ्लाइट्स के बीच कम से कम 3-4 घंटे का अंतर रखें।
निष्कर्ष (Conclusion)
इंडिगो का यह संकट मुख्य रूप से ग्लोबल सप्लाई चेन (इंजन इश्यू) और मौसम की मार का मिला-जुला परिणाम है। इंडिगो ने स्थिति से निपटने के लिए दूसरी एयरलाइंस से लीज (Lease) पर विमान लेना शुरू कर दिया है, लेकिन स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा।
एक समझदार यात्री होने के नाते, अपनी यात्रा की योजना थोड़ा समय (Buffer Time) लेकर बनाएं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: क्या इंडिगो फ्लाइट कैंसिल होने पर पूरा पैसा वापस करता है?
हाँ, अगर एयरलाइन की तरफ से फ्लाइट कैंसिल की जाती है, तो आप फुल रिफंड के हकदार हैं।
Q2: इंडिगो की फ्लाइट्स आजकल इतनी लेट क्यों हो रही हैं?
मुख्य कारण प्रैट एंड व्हिटनी इंजन की खराबी, कोहरा, और पायलटों की कमी है।
Q3: फ्लाइट लेट होने पर क्या मुझे मुआवजा (Compensation) मिल सकता है?
अगर देरी 6 घंटे से अधिक है और आपको 24 घंटे पहले सूचित नहीं किया गया था, तो कुछ शर्तों के तहत आप मुआवजे के हकदार हो सकते हैं।