बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, लेकिन बिहार बोर्ड (BSEB) का पारा सातवें आसमान पर है! अगर आप भी 1 फरवरी से शुरू होने वाली इंटर (Inter) या मैट्रिक (Matric) की परीक्षा में बैठने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए।
बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने परीक्षा को “कदाचार मुक्त” (Cheating Free) बनाने के लिए कुछ ऐसे इंतजाम किए हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। लेकिन इस सख्ती के चक्कर में कहीं आप से कोई “छोटी सी गलती” न हो जाए।

सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या इस बार भी छात्रों को ठंड में चप्पल पहनकर एग्जाम देना होगा? क्या एंट्री का टाइम बदल गया है? अगर आप परीक्षा केंद्र पर पहुँचकर रोना नहीं चाहते, तो अगले 2 मिनट निकालकर इस खबर को पूरा पढ़ लें।
1. जूता-मोजा (Shoes & Socks): क्या है असली नियम?
हर साल की तरह इस साल भी सबसे बड़ा सवाल यही है—”क्या हम जूते पहनकर जा सकते हैं?” आपको याद होगा कि पिछले कुछ सालों में बिहार बोर्ड ने नकल पर्ची (Chits) छिपाने के शक में जूते-मोजे उतरवा दिए थे।
सूत्रों की मानें तो इस बार भी चेकिंग (Frisking) बहुत जबरदस्त होने वाली है।
- अगर आप जूते पहनकर जाते हैं, तो आपको गेट पर ही उन्हें उतारना पड़ सकता है।
- हमारी सलाह (Pro Tip): रिस्क मत लीजिये! कोशिश करें कि साधारण चप्पल या सैंडल पहनकर ही जाएं। अगर जूते पहनकर जा भी रहे हैं, तो तैयार रहें कि उन्हें बाहर खोलना पड़ सकता है। ठंड से बचने के लिए वुलन (Woolen) कपड़े पहनें, लेकिन जेबें चेक कर लें।
2. एंट्री टाइम का “खतरनाक” खेल (Entry Time Alert)
बिहार बोर्ड के इतिहास में सबसे ज्यादा बच्चे इसी नियम की वजह से एग्जाम देने से चूक जाते हैं। नियम साफ़ है: परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले गेट बंद कर दिया जाएगा।
- अगर परीक्षा 9:30 बजे से है, तो गेट 9:00 बजे बंद हो जाएगा।
- अगर आप 9:01 बजे भी पहुँचते हैं, तो आप चाहे कितना भी रो लें, गिड़गिड़ा लें या गेट पीट लें—एंट्री नहीं मिलेगी। (जी हाँ, पिछले साल के वीडियो गवाह हैं)।
इसलिए, अपनी घड़ी को बिहार बोर्ड के टाइम से मत मिलाइये। कोशिश कीजिये कि एग्जाम सेंटर पर 1 घंटा पहले पहुँच जाएं। ट्रैफिक जाम का कोई भरोसा नहीं है!
3. ‘तीसरी आँख’ रख रही है आप पर नजर (CCTV & Videography)
अगर आप सोच रहे हैं कि “अरे, अंदर जाकर तो सब सेट हो जाता है”, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। इस बार हर क्लासरूम में CCTV कैमरे और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।
- एक बेंच पर केवल 2 छात्र बैठेंगे।
- हर 25 छात्र पर एक ‘वीक्षक’ (Invigilator) की नजर होगी।
अगर आप इधर-उधर झांकते हुए या बात करते हुए कैमरे में कैद हो गए, तो आपका Result Pending में जा सकता है या आपको Expel (निष्कासित) किया जा सकता है।
4. एडमिट कार्ड में गड़बड़ी? तो क्या करें?
कई छात्रों के डमी एडमिट कार्ड (Admit Card) में फोटो या नाम गलत है। घबराइए मत! बोर्ड ने कहा है कि अगर फोटो में गड़बड़ी है, तो आप अपने साथ आधार कार्ड (Aadhar Card), पैन कार्ड या पासबुक लेकर सेंटर पर जाएं। वहां आपकी पहचान करके आपको परीक्षा देने दिया जाएगा।
लेकिन हाँ, Original Admit Card पर प्रिंसिपल की मुहर और सिग्नेचर होना जरूरी है। लेमिनेशन करवाने की गलती अभी न करें (चेकिंग में दिक्कत होती है)।
निष्कर्ष: डरें नहीं, सतर्क रहें!
दोस्तों, ये नियम आपको डराने के लिए नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा और परीक्षा की पवित्रता के लिए हैं। आप अपनी पढ़ाई पर भरोसा रखें। “लुसेंट” और “क्वेश्चन बैंक” को अच्छे से रिवाइज करें।
जूता-मोजा हो या चप्पल, असली ताकत आपके कलम में है।
शुभकामनाएं! फोड़ के आना है! 🔥